प्रेगनेंसी के आठवें महीने में कमजोरी क्यों आती है?HealthPlanet

Posted on Fri 11th Nov 2022 : 09:34

गर्भ में शिशु को पालना कोई आसान बात नहीं है। प्रेगनेंट महिला को थकान महसूस होना आम बात है और खासतौर पर यह समस्‍या प्रेग्‍नेंसी की पहली तिमाही और गर्भावस्‍था की तीसरी तिमाही में ज्‍यादा होती है।

वहीं, गर्भावस्‍था में कई तरह की समस्‍याएं जैसे कि मॉर्निंग सिकनेस भी रहती है और नींद पूरी न हो पाने की वजह से भी थकान महसूस होने लगती है।

​कैसे महसूस होती है थकान

प्रेगनेंट महिला को जल्‍दी थकान हो सकती है, इनमें दिनभर में एनर्जी की कमी रहती है या काम पर ध्‍यान लगाने में भी दिक्‍कत होती है। हालांकि, समय के साथ य‍ह ठीक हो जाता है।

हर प्रेग्‍नेंसी अलग होती है और कुछ महिलाओं को बहुत आसानी से थकान हो सकती है जबकि हो सकता है कि कुछ महिलाओं को हमेशा थकान महसूस न हो। हर महिला में थकान का कारण अलग होता है।
​गर्भावस्‍था में थकान के कारण

प्रेग्‍नेंसी की हर तिमाही में थकान का कारण अलग हो सकता है। जानिए कैसे :

गर्भावस्‍था की पहली तिमाही में प्रोजेस्‍टेरोन नामक हार्मोन तेजी से बढ़ता है। ये प्रेग्‍नेंसी के शुरुआती दिनों में एनर्जी लेवल को कम कर देता है।

शरीर में आयरन की कमी या लाल रक्‍त कोशिकाएं के कम होने के कारण भी प्रेग्‍नेंसी में थकान हो सकती है।

गर्भावस्‍था की दूसरी तिमाही में थकान चली जाती है लेकिन कुछ महिलाओं को तीसरी तिमाही तक थकान रह सकती है।
दूसरी तिमाही में कुछ महिलाओं को बार-बार पेशाब आने की शिकायत रहती है। इस वजह से रात में बार-बार नींद टूटती है और सुबह उठने पर थकान रहती है।

प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही में थकान के कारण

गर्भावस्‍था के इन आखिरी तीन महीनों में वजन बढ़ जाता है और गर्भाशय का आकार भी फैलने लगता है। ऐसे में घर के मामूली काम करने में भी दिक्‍कत आती है और महिलाएं ज्‍यादा जल्‍दी थक जाती हैं।

गर्भ में बढ़ रहे भ्रूण को ज्‍यादा खून और पोषण की जरूरत होती है। इस वजह से भी आखिरी महीनों में थकान बढ़ जाती है।

इसके अलावा मेटाबोलिज्‍म बढ़ने, तनाव, दर्द, अनिद्रा, ब्‍लड प्रेशर या किसी अन्‍य स्थिति के कारण भी तीसरे सेमेस्‍टर में थकान हो सकती है।

​​गर्भावस्‍था में थकान दूर करने के लिए क्‍या करें

जीवनशैली में कुछ बदलाव करने से थकान को दूर करने में मदद मिल सकती है, जैसे कि :

हल्‍के व्‍यायाम जैसे कि पैदल चलना। योग और ध्‍यान से भी मदद मिल सकती है।
थकान को दूर करने के लिए दिन में झपकी जरूर लें।
शरीर में एनर्जी बनाए रखने के लिए संतुलित आहार लें और खूब पानी पिएं।
गैर-जरूरी या तनावपूर्ण कार्य करने से बचें।
आरामदायक पोजीशन में सोने की कोशिश करें।
गैर-पौष्टिक चीजें और कैफीन का सेवन न करें। इसकी बजाय पौष्टिक आहार लें और धूम्रपान एवं शराब से दूर रहें।

इस मामले में आपको अपने शरीर की बात सुननी चाहिए। अगर दोपहर में नींद आ रही है तो झपकी जरूर लें। स्‍नैक खाने का मन कर रहा है तो कुछ हेल्‍दी खा लें। प्रेग्‍नेंसी में थकान को दूर करने के लिए पर्याप्‍त आराम करना भी जरूरी है।

गर्भावस्‍था में होने वाली थकान का असर गर्भस्‍थ शिशु पर नहीं पड़ता है। प्रेग्‍नेंसी में शरीर में आए बदलावों की वजह से ही थकान होती है और इसे लेकर ज्‍यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है।

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